मेडिटेशन 2022

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मेडिटेशन यानी कि ध्यान पिछले कुछ दशकों में इस ध्यान ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। और आज पूरा विश्व इसके प्रभाव से इतना प्रभावित है कि हर इंसान इसे अपनी डेली रुटीन का हिस्सा बनाना चाहता है। और आपको यह जानकर गर्व होगा कि इसकी की शुरुआत भारत में ही हुई थी। विश्व में सबसे पुराना लिखित प्रमाण भारत के वेदों में ही पाया गया। और मेडिटेशन इसे ही बोला गया है। जिसके माध्यम से हमारे ऋषि मुनि पीर पैगंबर खुद के भीतर छिपे ब्रह्मांड से जुड़ते थे।

और ब्रह्मांड से ही इस सृष्टि से ब्रह्मांड ओर चांद में ना जाने कितना फासला है कितने ग्रह है। वह बिना आधुनिक मशीनों के खोज पाते थे। आधुनिक विज्ञान आज भी हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा की गई बहुत सी खोजो और घटनाओं को लेकर आश्चर्यचकित है। कि कैसे वे लोग बिना किसी एडवांस टेक्नोलॉजी के धरती से चांद तक एकदम सही कैलकुलेशन कर पाते थे। क्या उनके पास ध्यान की कोई एडवांस तकनीक थी जिससे आज भी हम सब पूरी तरह से अनजान है। और यह मेडिटेशन ही तो था जिसके सही इस्तेमाल से “सिद्धार्थ गौतम” जैसे एक राजकुमार ने भगवान “बुद्ध” बन कर सारे संसार को अपने ज्ञान से प्रकाशित किया।

मेडिटेशन
मेडिटेशन

और मेडिटेशन की अद्भुत पावर से पूरे विश्व को एक नया परिचय करवाया। मेडिटेशन जिसके बारे में अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि विचारों पर कंट्रोल करना ही मेडिटेशन है। लेकिन असल में असली मकसद तो यह है कि आपके विचार आप को कंट्रोल न कर पाए आज कल की टेंशन और भागदौड़ भरी जिंदगी में मेडिटेशन एक ऐसी साधना है। जिसके हर रोज केवल कुछ मिनट के अभ्यास से आप ना जाने कितनी परेशानियों से छुटकारा पा सकते हैं। जिसके जरिए आप अपने भीतर छिपे ब्रह्मांड से जुड़ते हैं। और मेडिटेशन में इतनी पावर है कि इसके निरंतर अभ्यास से आप अपनी पूरी जिंदगी बदल सकते हैं।

तो विज्ञान अब मेडिटेशन की शक्ति को अच्छे से पहचानता है। पिछले कुछ दशकों में इसकी पावर को जानने के लिए आधुनिक मशीनों का सहारा लेकर भी कई प्रयोग किए जा चुके हैं। जैसे ब्रेन स्कैन से पता चलता है कि मेडिटेशन के दौरान दिमाग में एक्टिविटी बढ़ जाती है। जिनका सीधा संबंध गुस्से और डिप्रेशन को कम करना है। और सोचने की शक्ति को बढ़ाना है।

विज्ञान के कुछ एक्सपेरिमेंट के दौरान बौद्ध भिक्षुओं के मेडिटेशन की अवस्था में किए गए ब्रेन स्कैन में यह पाया गया कि मेडिटेशन के दौरान उनके ब्रेन में काफी बदलाव आता है। और उनकी ब्रेनवेव्स की फ्रीक्वेंसी को मापने पर उनमें अल्फावेव्स की फ्रीक्वेंसी सबसे ज्यादा पाई गई जो नेगेटिव निराशा टेंशन गुस्से को कम करती है। 8 हफ्ते लगातार इसके अभ्यास से याद करने की क्षमता में भी अद्भुत इंप्रूवमेंट होने लगती है। और उम्र के साथ बढ़ती भूलने की बीमारी में भी कमी आती है। और साथ ही साथ विल पावर भी मजबूत होती है।

मेडिटेशन से रोगों का इलाज

मेडिटेशन और मन की शक्ति से आजकल बहुत से रोगों का इलाज भी किया जाता है। और नतीजे चौंकाने वाले होते हैं। मेडिटेशन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। एक एक्सपेरिमेंट के दौरान मेडिटेशन करने वाले और मेडिटेशन ना करने वाले दो ग्रुप को फ्लू वायरस दिया गया और मेडिटेशन करने वाले ग्रुप में मेडिटेशन करने वाले ग्रुप की तुलना में ज्यादा एंटीबॉडीज शरीर में विकसित होती गई। और उनके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में भी अद्भुत वृद्धि देखी गई। तो इसके निरंतर अभ्यास से आपका मेटाबॉलिज्म भी ठीक हो जाता है जिसकी वजह से ज्यादा वजन वालों का वजन कम हो जाता है और अंडरवेट वाले लोगों का वजन बढ़ कर सामान्य हो जाता है।

मेडिटेशन से आप अपने विचारों पर कंट्रोल रख पाते हैं और आपके विचार भी आपके एक्शन और आपकी आदतों को कंट्रोल करते हैं। और आपकी आदतें आपका भविष्य बनाती है। मेडिटेशन करने वाले अपनी उम्र से हमेशा कम नजर आते हैं। अपने योग गुरु को तो देखा ही होगा उनके चेहरे और उनकी त्वचा से उनकी उम्र का पता ही नहीं चलता है।मेडिटेशन निरोगी बनाता है। और शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार करता है। इसके साथ-साथ नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।

मेडिटेशन लाइफ को रिचार्ज करने का काम करता है। निरंतर मेडिटेशन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है। और मेडिटेशन से मन और मस्तिष्क दोनों को आराम मिलता है। काम में फोकस अच्छा हो जाता है। और इंसान सारा दिन प्रसन्न रहता है और रात को नींद भी गहरी और अच्छी आती है। इसके अलावा आप अपनी लाइफ में बहुत खुश रहकर अपनी जिंदगी को भी बदल सकते हैं और इसके निरंतर अभ्यास से आप अपने भीतर छिपी एक ऐसी दुनिया से जुड़ते हैं। जो अपने आप में अद्भुत है। आपके भीतर पूरा ब्रह्मांड छिपा है। और मेडिटेशन के माध्यम से आप अपनी सब परेशानियों को दूर कर सकते है।

FAQ’s

मेडिटेशन क्या है और कैसे करें?

Meditation के लिए शांत व खुले स्थान का चुनाव करें। Meditation किसी शांत एवं खुले जगह पर ही सबसे अच्छे से हो सकती है। …
सही समय का चुनाव करें। …
कुछ देर शांत और सीधा रहने का अभ्यास करें। …
अब धीरे-धीरे गहरी लंबी सांस ले। …
अब अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। …
चेहरे पर मुस्कराहट रखें।

ध्यान कैसे करते हैं?

ध्यान के लिए एक ऐसा नीरव एवं शांत स्थान ढूँढे जहाँ आप अलग से बैठकर निर्बाधित रूप से ध्यान कर सकें। अपने लिए एक ऐसा पवित्र स्थान बनायें जो मात्र आपके ध्यान के अभ्यास के लिए ही हो। …
प्रभावपूर्ण ध्यान करने के लिए आसन के विषय में निर्देश
ध्यान के लिए सर्वप्रथम आवश्यक है — उचित आसन। मेरुदंड सीधा होना चाहिए।

मेडिटेशन से क्या लाभ है?

तनाव को कम करने के लिए हमारी काफी मदद करता है। …
चिंता को नियंत्रित करता है …
आत्म-जागरूकता को बढ़ाता है …
नींद में सुधार करता है …
बुरी आदत को छोड़ने में मदद करता है …
आचरण में दयालुता लाता है …
ध्यान अवधि बढ़ती है …
व्यसनों से लड़ने में मदद कर सकते हैं

मेडिटेशन कितने दिन तक करना चाहिए?

मेडिटेशन के शुरुआती दौर में आपको 10 से 15 मिनट तक ध्यान करने का प्रयास करना चाहिए। जब आप इस समय तक ध्यान करने के अभ्यस्त हो जाएं, तो समय को अपनी इच्छा के अनुसार आधे घंटे या एक घंटे तक बढ़ा सकते हैं।

प्रेक्षा ध्यान के मुख्य अंग कितने हैं?

आचार्य तुलसी के सूत्र : आचार्य तुलसीजी ने प्रेक्षाध्यान के 5 सूत्र बताएं गए है। पहला भावक क्रिया (मन की एकाग्रता का प्रयास), दूसरा श्रुतिक्रिया (सुनने-समझने में जागरूक रहे), तीसरा मैत्री भाव (सब प्राणियों के प्रति मैत्री की भावना), चौथा भोजन का संयम व पांचवा वाणी का संयम।

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