मौन की शक्ति

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मौन की शक्ति मतलब पॉवर ऑफ़ साइलेंस
Mon Ki Shakti

ये शब्द सुनने मैं बहुत आसन लगता है लेकिन जितना साधारण ये सुनने मैं लगता है उतना होता नहीं है क्युकी मौन की ताक़त सबसे बड़ी ताक़त होती है ( मौन की शक्ति )

आपका मौन रहना आपका पूरा जीवन बदल सकता है |इस मौन मैं ही आत्मज्ञान की चाबी है | बुध्तव टक जाने का रास्ता है |
मौन रहना क्यों आपके लिए सभी चीजों मैं जरुरी है अगर आप सही से मौन की ताक़त का प्रयोग करने मैं सफल हो जाते है तो आपको ये किस किस प्रकार की सफलता देगा ये आप भी नहीं जानते है

मौन रहना होता क्या है ?

बहुत से लोग कहते है मुह से एक भी शब्द ना निकालना मौन रहना होता है लेकिन इसे तो चुप रहना भी कहा जाता है जबकि मौन मैं मुह के साथ साथ आपका दिमाग भी पूरी तरह से शांत हो जाना चाहिए
हम जानते है दुनिया मैं कई साड़ी भाषाए है और ये भाषाए ही हमे एक दुसरे से जोड़ के रखती है
जिसमे होती है एक

मन की भाषा

जिसमे हम कभी शांत नहीं रहते है ये मन बिना रुके सोचता ही रहता है ये हमेशा चलता रहता है ये आपकी इज़ाज़त नहीं लेता (मौन की शक्ति)
जब हम भोतिक तौर पर चुप रहते है तो मानसिक रूप से अतार्थ मन के भीतर बहुत सी बाते चल रही होती है और यही हमारे चिंता , तनाव का कारण बनती है (मौन की शक्ति)

पूरी दुनिया में 70 % लोग इसके शिकार है

योग कहता है की मों ध्यान की ऊर्जा और सत्य का द्वार है| जहा मौन से मन की मौत हो जाती है वही मौन से मन की शक्ति भी बढती है | जिसे मोक्ष के मार्ग पर जाना है वह मन की मौत मैं विश्वास रखता है और जिसे मन का सही और भरपूर उपयोग करना है वह मन की शक्ति पर विश्वास करेगा |

जब टक मन है तब तक सांसारिक उपद्रव है और जब मन गया की संसार खत्म और संन्यास शुरू | मौन से कुछ भी घटित हो सकता है क्युकी मौन मैं है मन की शक्ति (मौन की शक्ति)
मौन की ताक़त पाने के लिए आपको सबसे पहले चुप रहना सीखना होगा क्युकी जिस दिन आप चुप रहोगे आपको महसूस होगा की आपका दिमाग तेजी से चल रहा है उसके अंदर तेजी से विचार आने लग जायेंगे

मौन मैं धीरे धीरे जुबान चुप होती है लेकिन कोशिस करे की आपका मन भी शांत हो जाए क्युकी मन शांत होगा तो आपका चेहरा , आपकी आँखे , आपका शरीर सब शांत होने लगेगा तब इस दुनिया को आप एक नए तरीके से देखना शुरू कर देंगे जैसे 1-२ साल का बच्चा देखता है

जब किसी समस्या का हल नहीं निकलता है तो कुछ देर एकांत मैं बैठकर उसका हल निकाले तो जरुर आपको उसका हल मिल जाएगा
शांत रहकर ही भगवान या परमात्मा से बात की जा सकती है जीवन मैं खुश रहने के लिए शांत रहना बहुत जरुरी है आप जानते होंगे

“ एक साफ़ नदी का पानी पूरा साफ़ होता है “

वैसे ही हमारा मन जितना साफ़ होगा विचारों से दूर होगा हमारे मन को और ज्यादा शान्ति मिलेगी
अगर आप किसी इंसान को समझना चाहते है की कोन सा इंसान घमंडी है तो आप उसे आसानी से पहचान सकते है जो इंसान कभी मौन नहीं रह सकता मतलब वह इंसान उतना ही घंमडी है क्युकी हम सब अपने आप को साबित करने मैं लगे हुए है (मौन की शक्ति)

यह सब दिखावा ही तो है हम सबको ये बताना चाहते है की हम सब जानते है और अपनी बात को बोलने के लिए हमेशा जल्दी मैं रहते है (मौन की शक्ति)
मौन मन की वह आदर्श अवस्था है जिसमे डूबकर मनुष्य परम शान्ति का अनुभव करने लगता है मन की चंचलता समाप्त होते ही मौन की दिव्य अनुभूति होने लगती है अपना मुह बंद रखने से सिर्फ आधा काम ही होता है मौन होना तभी संभव है जब आप खुद को ज्यादा महत्व नहीं देते है |

मौन मन को उद्र्व्मुखी बनाता है और इसकी गति को विशेष दशा मैं तीव्र कर देता है मौन द्वारा वाणी पर नियंत्रण लगाया जा सकता है आवश्यकता से अधिक बोलना शिष्टता , शालीनता और व्यक्तित्व पर ग्रहण लगने के जैसा है इससे मानसिक शक्तिया दुर्बल होती है | मन जब भी सीमाए पार करता है तो वाणी वाचाल हो उठती है क्युकी वाणी और मन का संबंध अग्नि और तपन के समान है | (मौन की शक्ति)

जप साधना करने वाले के लिए मौन जरुरी होता है |मौन रहना प्रक्रति का नियम है और जो इस नियम की पलना नहीं करता है वह अपनी मानसिक शक्तियों से वंचित रह जाता है (मौन की शक्ति)

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