जानिए योग के अदि गुरु कोन हैं?
जानिए योग के अदि गुरु कोन हैं?

योग के आदि गुरु कोन हैं | Yog Ke aadi guru kon hain? | शिवजी को योग के आदि गुरु क्यों कहा जाता हैं -2022

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हम सभी योग की बात करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि योग के आदि गुरु कोन हैं ( Yog Ke aadi guru kon hain? और योग की शुरुआत कब और कैसे हुई? भारत के आध्यात्मिक स्वरूप की बात करें तो सभी का एक ही लक्ष्य है – स्वतंत्रता। आजादी शब्द का मतलब आज भी हर कोई जानता है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है? वास्तव में, इस देश में आध्यात्मिक प्रगति और मानव चेतना के निर्माण का कार्य अक्सर एक व्यक्तित्व का गुण होता है। क्या आप जानते हैं यह कौन है? योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

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केसे शिव जी को Yog Ke aadi guru का पद मिला? | योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?
योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

आदि योगी शिव ने ही इस संभावना को जन्म दिया कि मानव जाति अपने मौजूदा अस्तित्व की सीमाओं से भी आगे जा सकती है। सांसारिकता में रहना है, लेकिन इसी का होकर नहीं रह जाना है। अपने शरीर और दिमाग का हर संभव इस्तेमाल करना है, लेकिन उसके कष्टों को भोगने की जरूरत नहीं है। कहने का मतलब यह है कि जीने का एक और भी तरीका है। हमारे यहां यौगिक संस्कृति में शिव को ईश्वर के तौर पर नहीं पूजा जाता। इस संस्कृति में शिव को आदि योगी माना जाता है। यह शिव ही थे, जिन्होंने मानव मन में योग का बीज बोया। – योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

योग विद्या के मुताबिक 15 हजार साल से भी पहले शिव ने सिद्धि प्राप्त की और हिमालय पर एक प्रचंड और भावविभोर कर देने वाला नृत्य किया। वे कुछ देर परमानंद में पागलों की तरह नृत्य करते, फिर शांत होकर पूरी तरह से निश्चल हो जाते। उनके इस अनोखे अनुभव के बारे में कोई कुछ नहीं जानता था। आखिरकार लोगों की दिलचस्पी बढ़ी और इसे जानने को उत्सुक होकर धीरे—धीरे लोग उनके पास पहुंचे। लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा, क्योंकि आदि योगी तो इन लोगों की मौजूदगी से पूरी तरह बेखबर थे। उन्हें यह पता ही नहीं चला कि उनके इर्द-गिर्द क्या हो रहा है। उन लोगों ने वहीं कुछ देर इंतजार किया और फिर थक-हार कर वापस लौट आए। लेकिन उन लोगों में से सात लोग ऐसे थे, जो थोड़े हठी किस्म के थे। उन्होंने ठान लिया कि वे शिव से इस राज को जान कर ही रहेंगे। लेकिन शिव ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। – योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?
योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

अंत में उन्होंने शिव से इस रहस्य के बारे में बताने की प्रार्थना की। शिव ने उनकी बात नहीं मानी और कहने लगे, ‘मूर्ख हो तुम लोग! अगर तुम अपनी इस स्थिति में लाखों साल भी गुजार दोगे तो भी इस रहस्य को नहीं जान पाआगे। इसके लिए बहुत ज्यादा तैयारी की आवश्यकता है। यह कोई मनोरंजन नहीं है। – योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

ये सात लोग भी कहां पीछे हटने वाले थे। शिव की बात को उन्होंने चुनौती की तरह लिया और तैयारी शुरू कर दी। दिन, सप्ताह, महीने, साल गुजरते गए और ये लोग तैयारियां करते रहे, लेकिन शिव थे कि उन्हें नजरअंदाज ही करते जा रहे थे। 84 साल की लंबी साधना के बाद ग्रीष्म संक्रांति के शरद संक्रांति में बदलने पर पहली पूर्णिमा का दिन आया, जब सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायण में चले गए। पूर्णिमा के इस दिन आदि योगी शिव ने इन सात तपस्वियों को देखा तो पाया कि साधना करते-करते वे इतने पक चुके हैं किज्ञान हासिल करने के लिए तैयार हैं। अब उन्हें और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। – योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?

शिव ने उन सातों को अगले 28 दिनों तक बेहद नजदीक से देखा और अगली पूर्णिमा पर उनका गुरु बनने का निर्णय लिया। इस तरह शिव ने स्वयं को आदि गुरु में रूपांतरित कर लिया। तभी से इस दिन को गुरु पूर्णिमा कहा जाने लगा। केदारनाथ से थोड़ा ऊपर जाने पर एक झील है, जिसे कोति सरोवर कहते हैं। इस झील के किनारे शिव दक्षिण दिशा की ओर मुड़ कर बैठ गए और अपनी कृपा लोगों पर बरसानी शुरू कर दी। इस तरह योग विज्ञान का संचार होना शुरू हुआ। – योग के आदि गुरु कोन हैं क्या वो शिव जी?


FAQ’s

योग के अदि गुरु कोन हैं

वह शिव हैं।

आखिर केसे शिव जी ने योग गुरु का पद पाया?

शिव ने उन सातों को अगले 28 दिनों तक बेहद नजदीक से देखा और अगली पूर्णिमा पर उनका गुरु बनने का निर्णय लिया। इस तरह शिव ने स्वयं को आदि गुरु में रूपांतरित कर लिया। तभी से इस दिन को गुरु पूर्णिमा कहा जाने लगा। केदारनाथ से थोड़ा ऊपर जाने पर एक झील है, जिसे कोति सरोवर कहते हैं। इस झील के किनारे शिव दक्षिण दिशा की ओर मुड़ कर बैठ गए और अपनी कृपा लोगों पर बरसानी शुरू कर दी। इस तरह योग विज्ञान का संचार होना शुरू हुआ।

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