शिव साधना

Posted on

शिव साधना ( Shiv Sadhna )

एक रुद्राक्ष की माला प्रान प्रतिस्थित और एक लिंग या शिव लिंग दोनों में से कोई भी जिसके पास पेसे नहीं है वो फोटो से काम चला सकता है या मिटटी के ऐसे शिवलिंग बनाएगा जिससे वो भे नही पानी में ओए अभिषेक करते समय टूटे नहीं (शिव साधना)
जो भी ये साधना करेगा उसके पास ये चीज़े तो है ही है

विधि

आपको एक चोकी बिछानी है अगर चोकी नहीं हो तो 5 या 6 इटे रखकर उसपे सफेद कपड़ा बिछा लेना है उसी पे आपको शिवलिंग स्थापित करना है लेकिन शिवलिंग के निचे एक प्लेट रख देनी है एक दीपक लेना है घी का दीपक नहीं तो आप साधारण दीपक से भी काम चला सकते है , धुप बत्ती होनी चाहिए , फूल धतूरे का , बेल पत्र , भांग , मिठाई , चन्दन , चावल (शिव साधना)

आपको भेरव यंत्र और गणेश जी को स्थापित करना है साथ मैं ही और गुरु जी को स्थापित करना है और जो नहीं मिले उसमे आप एक सुपाड़ी में धागा बांधिए और उन्ही को वो चीज़ बना ले तो इन सब को आसन पे लगा देना है अपने जो चोकी लगाई थी उस पे

अब आप अपने लिए आसन बिछायेंगे वो किसी भी हल्के रंग के कपड़े का होगा और आपको कपड़े भी हल्के रंग के पहनने है (शिव साधना)

कैसे करे

सबसे पहले आप अपने आप को शुद्ध करेंगे मंत्रो द्वारा उसके बाद आप अपनी सामग्री को शुद्ध करेंगे उसके बाद शिखावंदन करेंगे फिर चन्दन लगायेंगे उसके बाद पृथ्वी को प्रणाम करेंगे उसके बाद संकल्प लेंगे और संकल्प क्या लेना है संकल्प में शिव जी की आप पूजा कर रहे है गुरु की आप पूजा कर रहे है गणेश की आप पूजा कर रहे है ( शिव साधना)

इन सबके साथ माँ पार्वती का भी ध्यान करना है आपको उनकी पूजा करनी है फिर भेरव जी की पूजा करनी है उसके बाद संकल्प लेना है आपको और संकल्प में शिव जी की और माँ पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए बोलना है आपको और आपकी जो विशेष इच्छा है उसको रखना है और शिव की कृपा प्राप्ति के लीये बोलना है

उसके बाद आपका गणेश पूजन होगा भेरव जी का पूजन होगा और भेरव पूजन में आपको सिंदूर चढ़ाना है और गणेश जी का तिलक हल्दी से करना है और बाकी सबका तिलक आपको चन्दन से करना है

उसके बाद ध्यान का मंत्र है उसको पढना है उसके बाद फिर ध्यान करना है ध्यान आप जितनी देर करना चाहे कर सकते है उसके बाद एक श्लोक है उसे पढना है और पढने के बाद अपने जो निश्चित संकल्प लिया है की इतनी माला जाप इतने दिनों तक करोगे उतनी माला जाप करनी है (शिव साधना)

आपको एक निश्चित मंत्र के साथ उसके बाद हो सके तो प्रतिदिन आपको हवन में आहुति देनी है 108 बार अगर हवन नहीं कर पाए तो जो श्लोक पहले पढ़ा था उसको कम से कम उसी स्थान पर बैठे बैठे 2 बार पढना है फिर जल छोडके आपको हरीयांत्स बोलना है

और जो आपकी सामग्री होगी उसको इक्कठा करके रख लेना है अंतिम में वित्सर्जन होगी और जो आपका जल है किसी ऐसे व्रक्ष पर चढ़ाये जैसे नीम का ना हो , पीपल का ना हो , आम का ना हो यह वह नाली में मत फेकना जिससे अपने अभिषेक किया
(शिव साधना)

जब भी उठेंगे आप श्लोक पढने के बाद आपका जप पूरा होने के बाद उसके बाद 2 बार अपने जो पहले श्लोक पढ़ा था उसे पढना है अगर वो भी 3 बार हो जाए तो भी कोई दिक्कत नहीं है उसके बाद आपका जो आसन है उसके निचे थोडा जल छोड़ना है प्रणाम करना है हरिंत्सिद्ध बोल के उठ जाना है और आसन को समेत के साइड में रख देना है

( Shiv Sadhna )

3 thoughts on “शिव साधना

  1. Sweet blog! I found it while browsing on Yahoo News. Do you have any tips on how
    to get listed in Yahoo News? I’ve been trying for a while but I never
    seem to get there! Many thanks

Leave a Reply

Your email address will not be published.