संवयम से प्रेम कैसे करें

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आप सभी के हिसाब से स्वप्रेम का मतलब क्या है ? आप सब क्या सोचते है इसके बारे मैं ?
तो शायद आप सब कहेंगे की स्वप्रेम मतलब खुद से प्यार करना क्युकी जो खुद से प्यार करता है वो खुद के लिए कभी गलत नहीं सोच सकता या कभी खुद के साथ कुछ गलत नही करता ( संवयम से प्रेम कैसे करें )

तो स्वप्रेम का मतलब हम सब क्या समझते है खुद को स्वतंत्र रखना मतलब अपनी मर्ज़ी से सब कुछ करना | अपने हिसाब से सब कुछ कर सकू इसलिए मैं खुद से प्यार करता हु | यही ना …..
तो जो यह आप समझते है की इसे स्वप्रेम कहते है तो आप गलत समझते है की आप आपके मन के हिसाब से सब कुछ करे तो इसे तो स्वप्रेम नहीं कहा जा सकता |

अक्सर हम लोगो को प्यार देने की बात करते है उनसे प्यार लेने की बात करते है तो प्यार कोई वस्तु नही है जो ली या दी जा सके ये तो एक एहसास है जिसे सिर्फ जिया जा सकता है
हम दुसरो से तो प्यार करते है लेकिन अपने आप से प्यार नहीं करते आप अभी जैसे भी हो उस सच्चाई को स्वीकार नहीं करते जबकि ऐसा क्यों ?( संवयम से प्रेम कैसे करें )

आप जब छोटे थे तो कांच के सामने जाकर खुद को देखते थे और खुश भी होते थे और जैसे थे वेसा का वैसा स्वीकार लेते थे लेकिन जैसे जैसे आप बड़े हुए अपने आप को देखते हुए दुनिया को देखते हुए खुद मैं बदलाव लाने लगे

हमारे अन्दर कभी कभी गुस्सा आ जाता है छोटी छोटी बात पर चिडचिडे हो जाते है , नफरत होने लगती है तो ये सब क्यों होता है क्युकी हमे कही न कही ये लगने लगता है की हम अपने आप से खुश नहीं है हम दुसरो के साथ भी वही सब करने लग जाते है जो खुद के साथ करते है ( संवयम से प्रेम कैसे करें)

जब आप किसी पे गुस्सा करते है तो थोडा गुस्सा खुद पे भी करने लग जाते हो , चिढने लगते हो इसका मतलब तो यही है की आप खुद से प्यार नहीं करते हो
इन सब चीजों का स्वप्रेम से दूर दूर तक कोई लेना देना नहीं है

महंगी चीज़े , कपडे , गाडी ये सब आपको खुद से प्यार करना नहीं सिखा सकती और अगर कोई चीज़ आपको खुद से प्यार करना सिखा सकती है तो वो है खुद की कदर करना , खुद की कीमत पहचानना अपने आप को पहंचाने और इस बात का पता करे की आप स्वयं क्या है और क्या हो सकते है क्युकी यही सब आपको आपसे प्यार करने पर मजबूर करता है ( संवयम से प्रेम कैसे करें )

अगर सच में आपको आपसे प्यार है तो आप कभी हार नहीं मानोगे चाहे आप कितनी भी बार असफल क्यों ना हो जाओ और अगर खुद से प्यार ही नही है तो हार मान के बैठ जाओगे

ज़िन्दगी आपको वो नहीं देती जो आप चाहते हो क्युकी ज़िन्दगी से तो सब कोई बहुत कुछ चाहता है जबकि ज़िन्दगी आपको वह देती है जो आप के लिए सही है जो आप वास्तव मैं होते हो जो आपकी क्षमता है जिसके आप लायक हो ( संवयम से प्रेम कैसे करें)

जो भी आपके लिए करना सही नहीं है लम्बे समय तक और ये बात जानते हुए भी आप उसे करते चले जाते हो तो इसका मतलब आप खुद से प्यार नहीं करते हो
जो भी आपके लिए करना सही है लम्बे समय तक और ये बात जानते हुए भी आप उसे करते चले जाते हो तो इसका मतलब आप खुद से प्यार करते हो

हमेशा जिन्दंगी मैं बुरा क्या चल रहा है उस पर ध्यान देना हम सबकी आदत बन गयी है क्युकी हम अपनी ज़िन्दगी मैं उन्ही चीजों पर ध्यान देते रहेंगे जो गलत हो रहा है हमारे साथ तो कुछ समय बाद हमे ऐसा लगने लगता है की हमारे साथ कभी कुछ अच्छा होता ही नही है( Sav Prem )

जबकि ऐसा कभी नहीं हुआ की हमारी ज़िन्दगी मैं सब बुरा ही हुआ है इसलिए खुद से प्यार करना है तो अपने देखने का नजरिया बदलो क्युकी जैसे ही आप अपने देखने का नजरिया बदलोगे तो आपको आपकी ज़िन्दगी मैं बहुत से बदलाव नज़र आने लगेगे जैसे अपने 6 लिखा है लेकिन सामने वाले के नज़रिए से वो 9 भी तो दिख सकता है इसलिए अभी आपके पास जो है जितना है उसी मैं खुश रहके उन्ही से प्यार करिए

आपको उन लोगो से भी दूर रहना चाहिए जो आपको निचा दिखने की कोशिश करते है जिन लोगो को लगता है की आपकी कोई महत्ता नहीं है उन लोगो को भाव देने से भी कोई मतलब नहीं है खुद की कीमत समझिये तभी खुद से प्यार कर पायेंगे क्युकी जिन लोगो को आपकी कीमत का एहसास नहीं है उनके साथ रहते रहते आपको भी लगने लगेगा की आपकी कोई महत्ता नहीं है तो हो सके उतना उन लोगो से दूर रहिये और खुद को समझिये
खुद की तुलना दुसरो से करना बंद करो (संवयम से प्रेम कैसे करें)

क्युकी हमे शुरुआत से यही बताते आये है की जिसके पास पैसा है जो सुन्दर है जिसके पास ताक़त है उन्ही की कीमत है और अगर आप सब को भी यही लगता है तो फिर आप खुद से प्यार कैसे कर पाओगे इसलिए किसके पास क्या है कितना है इन सब बातो पे ध्यान देना बंद करके आपको कितना मिल चूका है उस बात पर ध्यान देना शुरू कर दे

खुद का ध्यान रखे दुसरो के बारे मैं सोचते सोचते उन्हें खुश करते करते कही ना कही आप खुद को ही दुखी कर देते हो आप अपना खुद का ध्यान रखना भूल जाते हो( Sav Prem )

अगर आप चाहते हो की सब कुछ अच तो आपके साथ तो आपको आज से आपको कुछ ऐसे सकारात्मक काम करने है जो अपने पहले कभी नहीं किये |
तभी आप स्वप्रेम को समझ पायेंगे |

(संवयम से प्रेम कैसे करें)

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