हनुमान साधना

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इस साधना को करने के लिए आपको लाल वस्त्र ही पहनने है (हनुमान साधना)

और जो आसन होगा वो भी लाल ही होगा और अगर लाल आसन ना हो तो कुषा का आसन और अगर आप दोनों नहीं कर सकते तो आपके पास लाल कपड़ा होगा उसे बिछा सकते है( हनुमान साधना )

और उसपे बैठ सकते है आपको उतर की दिशा की मुह करके बैठना है इसमें 14 मुखी रुद्राक्ष की माला लेनी है क्युकी इससे बहुत अच्छा फल मिलेगा अन्यथा आप साधरण पञ्च मुखी रुद्राक्ष से भी ये कर सकते है और अगर लाल मूंगा हो जाए तो बहुत ही ज्यादा असरकारी होता है

यह साधना बहुत ही तीव्र साधना है तो इस साधना को करने के लिए आप अपने गुरु से आज्ञा ले के करे क्युकी जरा सी भी गलती आप लोगो को भारी पड़ सकती है इस साधना मैं
तो करना क्या है इसमें ( हनुमान साधना )

आपको उतर दिशा की और बैठना है और एक तस्वीर ऐसी रखनी है जिसमे राम जी ,सीता जी , लक्ष्मण जी , भरत जी , क्षत्रुधन जी , हनुमान जी सेवक के रूप में हो और एक मोती लेना है आपको जो पूरा लाल हो

पहले आपको पंचामृत या गंगा जल से जो तस्वीर अपने रखी है उसको शुद्ध कर ले उसको विराजमान कर ले एक चोकी पे लाल कपडा बिछा के उस तस्वीर को रख दे फिर हनुमान जी की लाल मूर्ति गंगा जल से शुद्ध करके वह पर विराजमान कर दे ( हनुमान साधना )

उतर दिशा की और मुख करके मंत्र जाप करे

ॐ नमहो भगवते हनुमते महारुद्रात्मकाय ॐ फट स्वाहा

इस मंत्र का आपको सवा लाख का अनुष्ठान करना है लेकिन इसको एक निश्चित समयांतराल मैं ही करना है 21 , 31 या 41 दिन के अंदर ही इसको पूरा करना पड़ेगा ( हनुमान साधना )

नियम और सावधानी

• पूर्ण ब्रह्मचर्य
• सध्विक भोजन कोई भी तामसिक भोजन नहीं ना शराब कोई भी नशा नहीं किसी भी प्रकार का
• महा ब्रह्मचर्य मतलब किसी भी लडकी के लिए भावना या दुर्भावना नहीं किसी भी तरह का ऐसा लगाव नहीं जिससे ब्रह्मचर्य खंडित हो
• बिना लहसुन प्याज का भोजन
• 2 समय आपको खाना है रात मैं आपको खाना खाना नहीं है
ये अनुष्ठान है आपका इसे आप करे ( हनुमान साधना )

कैसे करे

सबसे पहले इसको करने से पहले आपको राम रक्षा शोत्र का पाठ करना है वीर आसन मैं बैठकर एक हाथ मैं लाल फूल रखना है और राम रक्षा शोत्र का एक बार पाठ करना है ( हनुमान साधना )

पाठ करने के बाद उस फूल को आपको हनुमान जो को समर्पित कर देना है उसके बाद वीर आसन मैं ही इस मंत्र का जप होगा वीर आसन मैं ही मंत्र जप करने से पहले एक माला आपको आपके गुरु की करनी पड़ेगी एक गणपति की एक ॐ नमः शिवाय की उसके बाद आपको इसकी पूरी माला जितने भी दिन का आप अनुष्ठान संकल्प लेते है उसे करना है
( हनुमान साधना )

इसमें जो नवेद लगेगा फल , केले , गुड , काले चने ये लगेंगे और सुरक्षा घेरा लगाना है आपको
तो यही है हनुमान जी की साधना

( हनुमान साधना )

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