Brahmrishi

तनाव से बचना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं है लेकिन इसका सामना कैसे करे ये सबको आना चाहिए
तनाव से बचने के लिए क्या करे इनको करने से आप तनाव से दूर रह सकते है

हमारा हर फैसला दिमाग से ही होता है यह तक की हमारे खाने की पसंद का भी हमारे खाने की चाहत हमारे दिमाग मैं ही होती है…..

आप सभी के हिसाब से स्वप्रेम का मतलब क्या है ? आप सब क्या सोचते है इसके बारे मैं ?
तो शायद आप सब कहेंगे की स्वप्रेम …..

ये शब्द सुनने मैं बहुत आसन लगता है लेकिन जितना साधारण ये सुनने मैं लगता है उतना होता नहीं है क्युकी मौन की ताक़त सबसे बड़ी ताक़त होती है ….

आज हम सब को एक ही विषय परेशान करता है दिल की सुनु या दिमाग की |
तो किसी की भी सुनने से पहले हमे उसके बारे मैं पता होना चाहिए….

“ विष पीकर शंकर महादेव हो गए और अमृत पीकर राहू केतु असुर ही रह गये ““कहते है जब भाग्य बुरा चल रहा हो तो हमे मीठी नदी का पानी भी खारा लगता है “

अगर आज का नवयुवक किसी वजह से परेशान है उन सब मैं सबसे बड़ी समस्या होती है वो है बरह्मचार्य क्युकी जितनी भी किसी तरह की परेशानिया है उन सभी को अगर गहराई से देखे तो उनमे अंतिम बात यही पाओगे उन ….