समाधी तक पहुचने के लिए यम नियमादी के पालन की आवश्यकता होती है | इनके पालन में चुक होने पर न ध्यान होता है और न समाधी लग पाती है |( कुंडली जागरण 5 योग के 8 अंग )

ब्रह्म योग अन्य प्रकार के योगों के विपरीत है, जिनकी जड़ें वैदिक ज्योतिष और हिंदू में हैं। ब्रह्म योग का प्रभाव कई बाहरी और परस्पर कारकों पर निर्भर करता है, जो सीधे वैदिक ज्योतिष से प्रभावित हैं।

अपने जीवन को जीने के लिए कौशल, अपने मन को प्रबंधित करने, अपनी भावनाओं से निपटने, लोगों के साथ रहने, प्यार में रहने और उस प्यार को घृणा में बदलने न दें।”

ये शब्द सुनने मैं बहुत आसन लगता है लेकिन जितना साधारण ये सुनने मैं लगता है उतना होता नहीं है क्युकी मौन की ताक़त सबसे बड़ी ताक़त होती है ….