समाधी तक पहुचने के लिए यम नियमादी के पालन की आवश्यकता होती है | इनके पालन में चुक होने पर न ध्यान होता है और न समाधी लग पाती है |( कुंडली जागरण 5 योग के 8 अंग )

बाबा श्याम , हारे का सहारा , लखदातार , खाटू श्याम जी , नील घोड़े का सवार , मोर्विनंदन , खाटू नरेश , शीश का दानी | जितने निराले बाबा श्याम के नाम और भक्त है उतना ही रोचक इनका इतिहास है |


आप सभी के हिसाब से स्वप्रेम का मतलब क्या है ? आप सब क्या सोचते है इसके बारे मैं ?
तो शायद आप सब कहेंगे की स्वप्रेम …..

ये शब्द सुनने मैं बहुत आसन लगता है लेकिन जितना साधारण ये सुनने मैं लगता है उतना होता नहीं है क्युकी मौन की ताक़त सबसे बड़ी ताक़त होती है ….

“ विष पीकर शंकर महादेव हो गए और अमृत पीकर राहू केतु असुर ही रह गये ““कहते है जब भाग्य बुरा चल रहा हो तो हमे मीठी नदी का पानी भी खारा लगता है “

अगर आज का नवयुवक किसी वजह से परेशान है उन सब मैं सबसे बड़ी समस्या होती है वो है बरह्मचार्य क्युकी जितनी भी किसी तरह की परेशानिया है उन सभी को अगर गहराई से देखे तो उनमे अंतिम बात यही पाओगे उन ….